मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल
संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें कर्मचारी राज्य बीमा
श्रमायुक्त संगठन
मध्यप्रदेश स्लेट पेंसिल कर्मकार कल्याण मंडल
  • मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल
    श्रमायुक्त संगठन मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960, की धारा 3 और 6 में प्रावधान है कि राज्य शासन प्रदेश के लिये एक श्रमायुक्त नियुक्त करेगा तथा उनकी सहायता के लिए आवश्यक संख्या में अपर श्रमायुक्त, उप श्रमायुक्त, सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी, आद
  • संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें कर्मचारी राज्य बीमा
    अधिनियम 1948 के अन्तर्गत अधिसूचित केन्द्रों पर कार्यरत तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें संचालित है। प्रदेश में कर्मचारी राज्य बीमा योजना प्रथमतः जनवरी,
  • श्रमायुक्त संगठन
    मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम, 1960, की धारा 3 और 6 में प्रावधान है कि राज्य शासन प्रदेश के लिये एक श्रमायुक्त नियुक्त करेगा तथा उनकी सहायता के लिए आवश्यक संख्या में अपर श्रमायुक्त, उप श्रमायुक्त, सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी, आदि नियुक्त करेगा। तद्नुसार प्रदेश में श्रमायुक्त संगठन कार्यरत है। राज्य शासन ने श्रमायुक्त को उक्त अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत ‘‘मुख्य संराधक’’ भी नियुक्त किया है। श्रमायुक्त संगठन का मुख्यालय इंदौर में है
  • मध्यप्रदेश स्लेट पेंसिल कर्मकार कल्याण मंडल
    राज्य के मंदसौर जिले में स्थित स्लेट पेंसिल कारखानों में कार्यरत श्रमिकों को विषम परिस्थितियों में काम करना पडता है और उन्हें सिलिकोसिस बीमारी होने की संभावना रहती है। स्लेट पेंसिल श्रमिकों के कल्याणार्थ मध्यप्रदेश स्लेट पेंसिल कर्मकार कल्याण निधि अधिनियम, 1982, के अंतर्गत स्लेट पेंसिल उद्योग में कार्यरत श्रमिकों के लिये एक कल्याण निधि की स्थापना की गई है। मण्डल स्लेट पेंसिल श्रमिकों के कल्याणकारी विभिन्न गतिविधियां संचालित करता है।

हमारे बारे में

राज्य के श्रम विभाग का मुख्य दायित्व विभिन्न अधिनियमों के माध्यम से श्रमिकों के शारीरिक एवं सामाजिक हितों का संरक्षण करना है। इसके आधार पर प्रदेश को एक सक्षम श्रम शक्ति प्राप्त होती है जो कि औद्योगिक विकास में अपना प्रभावी योगदान देती है। विभाग श्रमायुक्त संगठन के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों का प्रवर्तन कर श्रमिकों की सेवाशर्तो का विनियमन करता है जिससे श्रमिकों के वेतन एवं कार्यदशाएं समुचित रहती हैं तथा औद्योगिक विवाद का निराकरण कर औद्योगिक शांति स्थापित करता है। इसके साथ ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाता है जिससे श्रमिक आकस्मिक दुर्घटनाओं के शिकार न हो, एवं उन्हें समुचित कार्यदशा कार्य करने के लिये उपलब्ध हो सके।

उपलब्धियां

चित्र प्रदर्शनी