हमारे बारे में
  • राज्य के श्रम विभाग का मुख्य दायित्व विभिन्न अधिनियमों के माध्यम से श्रमिकों के शारीरिक एवं सामाजिक हितों का संरक्षण करना है। इसके आधार पर प्रदेश को एक सक्षम श्रम शक्ति प्राप्त होती है जो कि औद्योगिक विकास में अपना प्रभावी योगदान देती है। विभाग श्रमायुक्त संगठन के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों का प्रवर्तन कर श्रमिकों की सेवाशर्तो का विनियमन करता है जिससे श्रमिकों के वेतन एवं कार्यदशाएं समुचित रहती हैं तथा औद्योगिक विवाद का निराकरण कर औद्योगिक शांति स्थापित करता है। इसके साथ ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाता है जिससे श्रमिक आकस्मिक दुर्घटनाओं के शिकार न हो, एवं उन्हें समुचित कार्यदशा कार्य करने के लिये उपलब्ध हो सके।
    श्रम विभाग के अंतर्गत निम्नानुसार तीन विभागाध्यक्ष संगठन और पांच संविधिक मंडल कार्यरत हैं:-
  • विभागाध्यक्ष
  • श्रमायुक्त (संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, सहित)
  • संचालक, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें
  • पंजीयक, औद्योगिक न्यायालय
    उपर्युक्त तीनों विभागाध्यक्षों का मुख्यालय, इंदौर में है।
  • संविधिक मंडल
  • मध्य प्रदेश श्रम कल्याण मंडल, भोपाल
  • मध्य प्रदेश स्लेट एवं पेंसिल कर्मकार कल्याण मंडल, मंदसौर
  • मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, भोपाल
  • म.प्र.शहरी/ ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण मण्डल

प्रदेश के सभी जिलों में अब श्रम कार्यालय स्थापित हैं। दो जिलों (धार एवं भिण्ड) में दो-दो कार्यालय स्थापित हैं, जिनमें एक-एक जिला मुख्यालय पर तथा दूसरा प्रमुख औद्योगिक केन्द्र (क्रमशः पीथमपुर एवं मालनपुर) पर स्थित है।

About the Department

The Department of Labour facilitates harmonious industrial relations through effective enforcement of various labour laws, protecting and safeguarding the interests of workers. It is also committed to create healthy work environment for smooth production process and facilitating vocational skill development for enhanced employability. The Government’s attention is also focused on promoting the welfare and providing social security to the labour force of both organized and unorganized sectors. These objectives are sought to be achieved through enactment and implementation of various labour laws, which regulate the terms and conditions of service and employment of workers. In Industrial disputes, the Department is the instrument for conciliation and conflict resolution between the labour and the management. Department also takes care of Industrial health and safety ensuring no workers become a victim of accidents at workplace.