English | हिंदी
Organizaiton के बारे में

मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम,1960 की धारा 3 और 6 में प्रावधान है कि राज्य शासन प्रदेश के लिये एक श्रमायुक्त नियुक्त करेगा तथा उनकी सहायता के लिये आवश्यक संख्या में उपश्रमायुक्त, सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी आदि नियुक्त करेगा। तद्नुसार प्रदेश में श्रमायुक्त संगठन कार्यरत है। राज्य शासन ने श्रमायुक्त को उक्त अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत ’’मुख्य संराधक’’ भी नियुक्त किया है। श्रमायुक्त संगठन, जिसका मुख्यालय इन्दौर में है, के अधीन मुख्य रूप से दो संगठन कार्यरत हैं एक संगठन श्रम कानूनों का प्रवर्तन, श्रमिक हित संरक्षण एवं औद्योगिक संबंध विषयक कार्य करता है, तथा दूसरा संगठन औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी कार्य संचालनालय के माध्यम से संपादित करता है।

मुख्यालय में उक्त प्रथम संगठन के अंतर्गत वर्तमान में एक अपर श्रमायुक्त, दो उप श्रमायुक्त, एक सहायक श्रमायुक्त, छः श्रम पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी पदस्थ हैं।    असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये अपर श्रमायुक्त का एक पद श्रम विभागीय आदेश दिनांक 15.6.2011 द्वारा सृजित किया गया है, जो वर्तमान में रिक्त हैं।

प्रदेश के सभी जिलों में अब श्रम कार्यालय स्थापित हैं। सभी कार्यालयों में श्रम पदाधिकारी अथवा सहायक श्रमायुक्त की पदस्थापना होने तक इन जिलों का प्रभार समीपस्थ जिले अथवा सहायक श्रम पदाधिकारी स्तर के पदस्थ अधिकारी द्वारा देखा जाता है। दो जिलों (धार एवं भिण्ड) में दो-दो कार्यालय स्थापित हैं, जिनमें एक-एक जिला मुख्यालय पर तथा दूसरा प्रमुख औद्योगिक केन्द्र (क्रमशः पीथमपुर एवं मालनपुर) पर स्थित है। प्रदेश के कुल 51 जिलों में से 10 संभागीय कार्यालयों (इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, सतना, सागर, नर्मदापुरम संभाग-होशंगाबाद, शहडोल एवं चंबल संभाग-मुरैना) एवं 01 जिला सिंगरोली में सहायक श्रमायुक्त स्तर के तथा शेष 42 कार्यालय श्रम पदाधिकारी स्तर के हैं। वर्तमान में संभागीय व्यवस्था पुनर्जीवित होने से संभाग स्तर पर पदस्थ सहायक श्रमायुक्त संभागीय स्तर का कार्य भी देख रहे हैं।