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  • प्रदेश में श्रमिक कल्याण गतिविधियों की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिये म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 म.प्र. विधानसभा में वर्ष 1982 में पारित किया गया। म.प्र.शासन श्रम विभागकी अधिसूचना अनुसार 14 नवम्बर, 1987 से मंडल ने विधिवत कार्य प्रारंभ किया। मण्डल का मुख्य उद्देश्य कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत परिभाषित कारखानों तथा दस या इससे अधिक कर्मचारी संख्या वाली वाणिज्यिक स्थापनाओं में नियोजित श्रमिकों तथा उनके परिवारजनों के कल्याण हेतु कल्याण योजनाएं/गतिविधियां संचालित करना है।
  • प्रदेश में श्रमिक कल्याण गतिविधियों की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिये म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 म.प्र. विधानसभा में वर्ष 1982 में पारित किया गया। म.प्र.शासन श्रम विभागकी अधिसूचना अनुसार 14 नवम्बर, 1987 से मंडल ने विधिवत कार्य प्रारंभ किया। मण्डल का मुख्य उद्देश्य कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत परिभाषित कारखानों तथा दस या इससे अधिक कर्मचारी संख्या वाली वाणिज्यिक स्थापनाओं में नियोजित श्रमिकों तथा उनके परिवारजनों के कल्याण हेतु कल्याण योजनाएं/गतिविधियां संचालित करना है।

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In order to give the concept of labor welfare activities in the state, Labour Welfare Funds Act 1982 was passed in the Legislative Assembly in the year 1982. According to the notification of the Labour Department, Madhya Pradesh Labour Welfare Board has commenced funtioning on 14th November 1987. The main objective of the Board is to run the welfare schemes / activities for the welfare of the employed workers and their families, in the factories defined under the Factories Act 1948 and in commercial establishments with ten or more employees.