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  • पंजीबद्ध निर्माण श्रमिक के पुत्र/पुत्री/पत्नी नियमित अध्यनरत हो को कक्षा 1 से स्नातकोत्तर एवं शोध कार्य करने हेतु रुपये 500/- से 10,000/- तक की राशि का हितलाभ प्राप्त करने की पात्रता है! प्रोत्साहन राशि पाने के लिए निर्धारित प्रपत्र मे आवेदन-पत्र भरकर 31 मार्च तक जमा करना आवश्यक है! योजनांतर्गत पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों की किन्ही 1 संतान/पत्नि या 2 संतान को हितलाभ देय है!
  • योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु होने पर आयु 45 वर्ष या उससे कम होने पर रू. 75 हजार, आयु 45 वर्ष से अधिक होने पर रू. 25 हजार, दुर्घटना में मृत्यु होने पर रू. 1 लाख की सहायता राशि देय है। निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना मे मृत्त्यु की दशा मे रुपये 200000/- तथा निर्माण कार्य के दौरान स्थायी अपंगता की दशा मे रुपये 75000/- की सहायता राशि देय है! उपरोक्त के अतिरिक्त, मृत्त्यु की दशा मे रुपये 5000/- की तात्कालिक अन्त्येष्टि सहायता भी देय है! आवेदन मृत्त्यु के 6 माह के भीतर प्रस्तुत करना होगा!
  • पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों कों राज्य शासन की जननी सुरक्षा योजना, दीनदायल अंत्योदय उपचार योजना, राज्य/जिला बीमारी सहायता निधि, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले पंजीबद्ध असंगठित निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना, शासन के अन्य कोई जीवन बीमा, स्वास्थ्य सहायता योजना जिसमे पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों की पात्रता आती हो, लाभ प्राप्त होते हैं! इन योजनाओं के प्रावधान अनुसार संबन्धित विभाग द्वारा देय लाभ प्राप्त न होने की दशा मे मण्डल द्वारा समकक्ष
  • इस योजना का लाभ अधिकतम तीन प्रसूति तक देय है! 45 दिन का न्यूनतन वेतन पंजीकृत महिला श्रमिको हेतु, तथा 1400 रू. पोषण भत्ता ग्रामीण क्षेत्र हेतु एवं 1000 रू. शहरी क्षेत्र के लिये तथा 15 दिन का न्यूनतम वेतन पंजीकृत पुरूष श्रमिक हेतु (प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को घोषित न्यूनतम वेतन के आधार पर) । आवेदन प्रसूति से 60 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है!
  • योजना मे 25 हजार रुपये प्रति विवाह सहायता एवं सामूहिक विवाह के आयोजन की दशा मे 23 हजार रुपये तथा 2 हजार रुपये आयोजक को प्रति विवाह अलग से देय है! आवेदिका को विवाह की प्रस्तावित तिथि के 1 दिन पूर्व आवेदन करना होगा! पंजीबद्ध निर्माण श्रमिक के एवं उसकी पुत्री के हस्‍ताक्षर होना आवश्‍यक है। विवाह सहायता योजना के अंतर्गत अधिकतम दो पुत्रियो को सहायता देय है। पंजीबद्ध निर्माण श्रमिक की पुत्री की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए!

हमारे बारे में

मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्तो का विनियमन) नियम 2002 के नियम 251 के साथ पठित भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्तो का विनियमन) अधिनियम 1996 के अंतर्गत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार के कल्याण के लिये एक मंडल का गठन राज्य शासन की अधिसूचना दिनांक 9 अप्रैल 2003 द्वारा किया गया है। देश एवं प्रदेश के 90 प्रतिशत से अधिक श्रमिक असंगठित क्षेत्र मे कार्यरत है, और इन असंगठित श्रमिको मे बडा वर्ग निर्माण कर्मकारो (कामगारो) का है।